क्या CBI ने 2जी स्कैम मामले को कमज़ोर कर दिया? – अरविन्द केजरीवाल

December 22, 2017 3:37 pm0 comments

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2G घोटाले पर फैसला आने के बाद इसे फिर से देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक बताया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रिय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मसले पर ट्वीट के माध्यम से कहा कि 2G घोटाले ने देश को हिला दिया था और यह यूपीए सरकार के पतन का कारण बना, सबूतों के अभाव में आज इस मामले में किसी को सजा नहीं मिली। क्या सीबीआई ने मामले को गड़बड़ कर दिया? जानबूझकर? देश की जनता को जवाब चाहिए।

इस मामले में राजा और अन्य आरोपियों के खिलाफ अप्रैल 2011 में दायर अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने 

 

आरोप लगाया था कि 2G स्पेक्ट्रम लाइसेंसों के आवंटन में 30,984 करोड़ रुपए के राजस्व की हानि हुई। उच्चतम न्यायालय ने दो फरवरी, 2012 को इन आवंटनों को रद्द कर दिया था। अदालत ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के दौरान सामने आये धन शोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय के मुकदमे में भी राजा और द्रमुक प्रमुख एम. करूणानिधि की पुत्री कनीमोई को बरी कर दिया।

2G घोटाले के जिन मामलों में फैसला आया है उसमें एस्सार समूह के प्रमोटर रविकांत रुइया और अंशुमान रुइया, लूप टेलीकाम की प्रमोटर किरन खेतान, उनके पति आई पी खेतान और एस्सार समूह के निदेशक (रणनीति एवं योजना) विकास सर्राफ आरोपी थे।

डीएमके नेता दुरइ मुरुगन ने कहा कि यह आरोप राजनीतिक द्वेष से लगाया गया था। मामले में अरोपी कनिमोरी ने बुरे समय में साथ देने वाले मित्रों का धन्यवाद किया। मामले पर प्रतिक्रया जताते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि सरकार के उच्चतम स्तर के लोगों पर घोटाले के आरोप कभी सही नहीं हो सकती, यह इस मामले से साबित हो गया है।