गुजरात में उत्तर भारतीयों पर लगातार हमलों से हड़कंप

गुजरात के साबरकांठा जिले में 14 माह की बच्ची से बलात्कार की घटना के बाद में गैर-गुजरातियों खासकर यूपी, बिहार के लोगों पर बार-बार हमले हो रहे हैं। सवाल यह है कि आख़िर लोगों में किसी एक के तथाकथित गलत कृत्य की सज़ा उससे संबंधित समाज को देने की सोच क्यों है? अगर किसी ने कुछ भी जुर्म किया है तो उसे सज़ा देने के लिए हमारे संविधान में सम्पूर्ण व्यवस्था है। फिर आखिर क्यों उसकी सज़ा उससे जुड़े पूरे समाज को देने की सोच बार-बार पैदा हो रही है? नफ़रत फैलाने का काम क्या बिना सुनियोजित साज़िश के अंजाम दिया जा सकता है?

रविवार को भी दो जगहों पर हमले किए गए। गुजरात के डीजीपी शिवानंद झा के मुताबिक अबतक कुल 42 केस दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 342 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंसा के डर से उत्तर प्रदेश और बिहार समेत अन्य प्रदेशों से काम करने गुजरात आए लोग भारी संख्या में अपने गृहराज्यों में वापस लौट रहे हैं।

हालांकि डीजीपी के मुताबिक लोग त्योहारों की वजह से अपने गृहराज्य वापिस जा रहे हैं। उनका कहना है कि गुजरात से बाहरी लोगों पर हिंसा के इन मामलों में कुल 6 जिले प्रभावित हुए हैं। मेहसाणा और साबरकांठा जिले सबसे अधिक वारदातें हुई हैं। मेहसाणा ज़िले में 15 केस दर्ज हुए हैं और 89 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं साबरकांठा में 11 केस दर्ज हुए हैं और 95 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

डीजीपी के अनुसार इन दो जिलों के अलावा अहमदाबाद में 7 केस और 73 गिरफ्तार, गांधीनगर में 3 केस और 27 लोग गिरफ्तारी हुए, अहमदाबाद ग्रामीण में 3 केस और 36 गिरफ्तार हुए, अरावली में 2 केस और 20 गिरफ्तार हुए तथा सुरेंद्रनगर में एक केस और दो लोग गिरफ्तार हुए हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया के द्वारा नफरत फैलाने के आरोप में भी 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

तमाम सुरक्षा इंतजामों के दावों के बावजूद गुजरात में हिंसा और नफरत की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार को वघोड़िया इंडस्ट्रियल एरिया की दो इंजिनियरिंग कंपनियों में काम कर रहे गैर-गुजरातियों पर कोटांबी और कामरोल गांव के 17 लोगों ने हमला बोल दिया। वहीं न्यू रानिप इलाके से भी झड़प की सूचना सामने आई है। पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटी हुई है।

यह घटनाए 28 सितंबर को एक बच्ची के साथ कथित रूप से बलात्कार करने के आरोप में बिहार के एक युवक को गिरफ्तार किए जाने के बाद शुरू हुई थीं। इस घटना के बाद गैर-गुजरातियों को निशाना बनाया गया और सोशल मीडिया पर नफरती संदेश फैलाए गए।

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