‘बेटी बचाओ’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली के मंत्री गोपाल राय के तीखे सवाल

आज हर तरफ से महिलाओं के कत्ल और बलात्कार की खबरे आ रही हैं, छोटी-छोटी बच्चियों को भी नहीं बख्शा जा रहा है। पहले, उन्नाव फिर कठुआ, अहमदाबाद, गाज़ियाबाद, फरीदाबाद जैसी एक... Read more »

क्या केवल कानून की सख्ती से बलात्कार जैसे अपराधों को रोका जा सकता है?

दुष्कर्म के ख़िलाफ़ देशभर में फैले गुस्से पर झुकते हुए सरकार को सख्त कानून का रास्ता अपनाना पड़ा। पर क्या केवल सख्त कानून, जल्द सज़ा और पुलिस की मुस्तैदी भर से बलात्कार... Read more »

देश का सबसे बड़ा मुद्दा

जय हिन्द दोस्तों, जैसा कि आप जानते हैं कि घंटा न्यूज़ में देश के सबसे गंभीर मुद्दों पर घंटा भी चर्चा नहीं होती, पिछले दिनों ऐसे बहुत से मुद्दे छाये रहे, आइये... Read more »

सामाजिक भेदभाव दूर करने की आवश्यकता है

बड़ी हैरत की बात है कि जो लोग ऑफिसों में डाइवर्सिटी के नाम पर महिलाओं के अधिकारों पर ज़ोर देते हैं, बराबरी की बाते करते हैं, इसके नाम पर बड़ी-बड़ी नीतियां बनाते... Read more »

पानी के नीचे बन रहा है दुनिया का पहला होटल

चाइना हमेशा विश्व को अपने बेहतरीन बिल्डिंग डिज़ाइन से चौंकाता रहा है, ताज़ा मामला शंघाई शहर में एक शानदार होटल बनने का है जिसका नाम क्वेरी होटल है, माना जा रहा है... Read more »

क्या TV मीडिया अब सुपारी मीडिया है?

 ऐसा लगता है जैसे कि आज का मीडिया सुपारी मीडिया बन गया है। मीडिया का काम है सच को सामने रखना, मगर ऐसा लगता है कि मीडिया वही सामने रख रहा... Read more »

क्या हैं नफरत की राजनीति और उसका परिणाम?

हमारे देश में नफरत की राजनीति चरम पर है, नफरत की राजनीति का मकसद यह होता है कि लोगों को आपस में दो जगह बाँट दिया जाए। उनके सोचने की ताकत को... Read more »

क्या आपने भरा है ‘दिल का बिल’? 😜

इश्क के फंडे का फायदा सबसे ज़्यादा मोबाईल फोन कंपनियों ने उठाया है। इधर इश्क के परवाने मोबाईल के ज़रिए रात दिन प्यार की पींगे बढ़ाते हैं और उधर इनका मीटर दौड़ता... Read more »

पत्रकारिता या चाटुकारिता?

 क्या आज पत्रकारिता चाटुकारिता बनी हुई है? मशहूर पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर चतुर्वेदी कहा करते थे कि पत्रकारों को हमेशा सरकार के प्रतिपक्ष में खड़ा होना चाहिए। इस विषय... Read more »