दिल्ली पुलिस की पिटाई से बेकसूर वृद्ध की मौत पर स्थानीय निवासियों में भारी रोष

February 14, 2018 11:04 am0 commentsViews: 251

दिल्ली पुलिस का एक अमानवीय चेहरा सामने आया है, नार्थ ईस्ट दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में एक कारोबारी से साढ़े चार लाख रुपये की लूट के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस द्वारा एक अधेड़ की पिटाई करने का मामला सामने आया है, जिससे उसकी मौत हो गई।

हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पिटाई की बात से इंकार कर रहे हैं। पुलिस अधिकारीयों के मुताबिक अधेड़ व्यक्ति की मौत हार्ट अटैक से हुई। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। हालाँकि शुरुआती जांच के बाद वरिष्ठ गोकुलपुरी थाने के हवलदार नेमपाल को सस्पेंड कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले शनिवार की रात बाइक सवार तीन लोगों ने भगीरथी विहार नाले के पास यमुना विहार निवासी, पीओपी के कारोबारी प्रदीप कुमार से 4.50 लाख रुपये लूट लिए थे। पुलिस को लूटपाट में शामिल बदमाशों की बाइक का नंबर मिला, जिसके आधार पर छानबीन के लिए पुलिस की टीम गली नंबर-9, पुराना मुस्तफाबाद गई थी। बाइक महमूद नामक शख्स के नाम पर थी और जांच में महमूद का पुत्र ज़ाकिर पर उपरोक्त लूटपाट में शामिल होने की जानकारी मिली।

स्थानीय निवासियों में भरी रोष

स्थानीय निवासियों के अनुसार पुलिस ने महमूद को पूछताछ के लिए अपने साथ गाड़ी में बिठा लिया। जिसपर महमूद के पड़ोसी गुलफाम ने महमूद को थाने ले जाने का विरोध किया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उस पर गुलफाम को भी गाड़ी में बिठा लिया। गुलफाम को भी गाडी में बैठाए जाने पर उसके साले मोमिन ने विरोध किया। जिसपर पुलिसकर्मियों ने उसे भी गाड़ी में बिठा लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस सारी घटना को गांव से आए मोमिन का पिता यासीन देख रहे थे। उन्होंने इसपर विरोध जताते हुए पुलिसकर्मियों से सभी को छोड़ने के लिए कहा। उसका पुलिसकर्मियों से कहा कि जब आरोपी ज़ाकिर है तो बाकी सब को गाडी में बिठाकर ले जाने का क्या मक़सद है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यासीन के विरोध करने पर पुलिसकर्मी भड़क गए और उन्होंने उसे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। यासीन के एक रिश्तेदार के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने थप्पड़ मारने के अलावा उसके लात और घूंसे भी मारे, जिससे वह बेहोश हो गया। वहां मौजूद लोग यासीन को नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस अधिकारी मुस्तफाबाद के स्थानीय निवासियों से बात करते हुए

ज्ञात रहे कि यासीन का परिवार शाहपुर गांव, बड़ौत में रहता है। उनकी बेटी अपने पति के साथ गली नंबर-9 पुराना मुस्तफाबाद में रहती है। यासीन अपनी बेटी से ही मिलने आए हुए थे। पड़ोस में ही उनका बेटा मोमिन भी रहता है। मोमिन ने अपने जीजा गुलफाम को पुलिस द्वारा गाड़ी में बैठकर थाने ले जाने का विरोध किया था, जिसके बाद यह घटना हुई, जिसमें मोमिन की मौत हो गई। घटना के बाद से पुलिस द्वारा बरती गई तथाकथित संवेदनहीनता पर स्थानीय निवासियों में बेहद रोष है तथा वह दोषियों को जल्द से जल्द और सख्त से सख्त सज़ा देने की मांग पर अड़े हुए हैं।