MCD फंड नहीं देने के मनोज तिवारी के आरोप पर केजरीवाल का पलटवार

दिल्ली की तीनों नगर निगमों को दिल्ली सरकार के जरिए मिलने वाले फंड को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, बीजेपी दिल्ली सरकार से एमसीडी के लिए चौथे वित्त आयोग की सिफारिश को लागू करने की मांग कर रही है, तो उधर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि पहले की सरकार जितना पैसा नगर निगमों को देती थी, वह उससे तीन गुना ज्यादा दे रहे हैं।

दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने 4 अक्टूबर को ट्वीट करके दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर केंद्र सरकार द्वारा नगर निगमों के लिए दिए जाने वाले पैसे को नहीं देने का आरोप लगाया था। उस ट्वीट का रविवार को जवाब देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे हिसाब से केंद्र ने दिल्ली को सिर्फ 325 करोड़ रुपये दिए हैं। सीएम ने कहा, ‘इस पर बहस करने की जरूरत नहीं है। आप केंद्र को कह दीजिए कि एमसीडी के 10 हजार करोड़ सीधे एमसीडी को भेज दें। हमारे जरिए भेजने की जरूरत नहीं। तो अब आगे से एमसीडी को दिल्ली सरकार से कोई पैसा देने की जरूरत नहीं ना?’

दुसरी तरफ आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने मनोज तिवारी पर आरोप लगाया कि उनकी (आदत ही झूठ बोलने की है, चाहे वो केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली को दिया जाने वाला पैसा हो, या फिर एमसीडी में कर्मचारियों की तनख्वाह को लेकर दिल्ली सरकार द्वारा दिए गए फंड का मामला हो, मनोज तिवारी हर बात पर बस झूठ बोल रहे हैं। सौरभ भारद्वाज का कहना है कि मनोज तिवारी ने अपने ट्वीट में कहा था कि केजरीवाल सरकार को केंद्र से 48,000 करोड़ रुपये मिले हैं। जबकि सच यह है कि दिल्ली सरकार लगभग 95 प्रतिशत बजट खुद के स्रोत से प्राप्त करती है।

सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी से सवाल किया कि क्या यह झूठ बीजेपी के राष्ट्रीय नेताओं की मिलीभगत से बोला जा रहा है? उन्होंने कहा कि सबको पता है कि कैसे नरेंद्र मोदी की सरकार दिल्ली के साथ सौतेला व्यवहार करती आ रही है। सौरभ ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की ये मांग है कि दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष दिल्ली की जनता से माफी मांगे और अगर उनमें थोड़ी भी शर्म बची हो तो अपना पद से इस्तीफा दें।

सौरभ भरद्वाज ने बीजेपी से मांग करते हुए कहा कि अगर मनोज तिवारी अपना पद नहीं छोड़ते हैं तो बीजेपी का राष्ट्रीय नेतृत्व को उन्हें हटाना चाहिए, वरना यह साफ हो जाएगा यह सब झूठ बीजेपी के राष्ट्रीय नेताओं की सहमति से बोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी मनोज तिवारी को चुनौती देती है अगर कोई ऐसा दस्तावेज है जिसमें लिखा है कि दिल्ली सरकार को 325 करोड़ के अलावा कोई पैसा मिला है तो उसे पब्लिक डोमेन में रखे और अगर नहीं रख पाते हैं तो तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।

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