MCD के कारण दिल्ली में अनधिकृत निर्माण: HC

January 13, 2018 12:14 pm0 commentsViews: 119

शुक्रवार (12 दिसंबर) को दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में अनधिकृत निर्माण दिल्ली नगर निगम (MCD) की असतर्कता के कारण हो रहा है, अगर एमसीडी अपनी जिम्मेदारी को लेकर सतर्क रहती तो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में अनधिकृत निर्माण पर रोक लगाई जा सकती थी। दिल्ली हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि अगर नगर निकाय अपना काम ईमानदारी से करने लगें तो न्यायपालिका का बहुत अधिक समय बच सकता है।

पीठ ने आगे कहा कि अदालतों में बड़ी संख्या में दिल्ली में अवैध निर्माण से जुड़ी अनेक याचिकाएं लंबित हैं। अदालत में याचिका आने पर ही आप अर्थात एमसीडी कार्रवाई करती है और नोटिस जारी करती है और जब यह भवन बन रहे होते हैं तो आप चुप रहकर ऐसा होने देते हैं। अदालत ने कहा कि यह आम धारणा बन गई है कि अगर एमसीडी में जुगत भिड़ा लिया जाए तो आराम से बचकर निकला जा सकता है। पीठ ने नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि आप तनख्वाह लेते हैं लेकिन अपना काम नहीं करते हैं। पीठ ने कडे शब्दों का प्रयोग करते हुए प्रश्न किया कि आप आईने में अपनी शक्ल कैसे देख पाते हैं?

पीठ ने कहा कि अनधिकृत निर्माण की इजाजत देना व्यापक स्तर पर लोगों के जान को खतरे में डालने के समान है और इससे राजधानी का इंफ्रास्ट्रक्चर भी प्रभावित होता है। ज्ञात रहे कि न्यायिक पीठ पारदर्शिता पब्लिक वेलफेयर फाउंडेशन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने मध्य दिल्ली के करोल बाग इलाके में हो रहे अवैध निर्माण पर अदालत में याचिका दायर की थी।