त्रिपुरा को को ‘माणिक’ की जगह ‘हीरा’ की जरूरत – नरेंद्र मोदी

February 8, 2018 4:10 pm0 commentsViews: 33

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर में भाजपा की सरकार बनाने की मुहिम की शुरुआत गुरुवार को चुनावी राज्य त्रिपुरा में चुनाव प्रचार से की। जनता से 25 साल के वामपंथी शासन को उखाड़ फेंकने की अपील करते हुए उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री माणिक सरकार पर हमला बोला। त्रिपुरा के सोनामुरा में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी कहा कि राज्य की जनता ने बहुत लंबे समय से गलत ‘माणिक’ पहन रखा है, जिससे विकास की राह में राज्य पिछड़ा गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि किसी की हत्या हो जाए तो पहले लाल सलाम वालों को चढ़ावा देना पड़ता है पर अब किसी को डरने की जरूरत नहीं है। राज्य के लोगों को बस माणिक उतारकर हीरा पहनने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में लोगों ने 25 साल से गलत माणिक पहना हुआ है, जिसे उतारने पर ही भाग्य बदलेगा। माणिक से मुक्ति लेकर आपको अब HIRA की जरूरत है, हीरे के H का अर्थ हाइवे, I का आईवे, R का रेलवे और A का अर्थ एयरवे है।

पीएम मोदी ने कहा कि वामंपथी लाठी से लोकतंत्र चलाते हैं, इन लोगो ने राज्य में अपने खिलाफ बोलने वाले लोगों के अंदर डर का माहौल बनाया हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि रोजवैली चिटफंड घोटाले में गरीबों को लूटा गया है और जिन्होंने लूटा है अब उन्हें सजा देनी होगी, जिससे कि गरीब का कोई पैसा नहीं लूट पाए।

उन्होंने कहा कि हम समूचे पूर्वोत्तर का विकास करना चाहते हैं। केंद्र सरकार सड़क बनाकर विकास लाना चाहती है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी ने पूर्वोत्तर के विकास के लिए सड़कें बनाने पर जोर दिया था, हमने ऐक्ट ईस्ट पॉलिसी पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि देश का भाग्य तब बदलेगा जब त्रिपुरा का भाग्य बदलेगा।

उन्होंने कहा कि हम त्रिपुरा में तीन टी (T) पर जोर दे रहे हैं। यह हैं ट्रेड, टूरिज्म और ट्रेनिंग। युवाओं को ट्रेंड किया जाएगा जिससे कि वह चमकने का अवसर हासिल कर सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मैं हैरान हूं कि 1996 के बाद से त्रिपुरा में वेतन में कोई सुधार नहीं हुआ। देश के किसी दूसरे कोने में ऐसा होता तो ये लाल झंडा लेकर निकल पड़ते और आग लगा देते। हिंदुस्तान में किसी को अंदाजा भी नहीं होगा कि त्रिपुरा में कैसी क्रांति आ रही है, ये चुनाव बीजेपी नहीं लड़ रही बल्कि यहां की जनता अपने हक़ों के लिए लड़ रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक बांस को वृक्ष की श्रेणी में रखा गया था। इसने आदिवासियों को नुकसान पहुंचाया जो यहां बांस उगाते हैं। हमने नैशनल बंबू मिशन के तहत इसे बदल दिया और इसे घास के रूप में मान्यता दी ताकि इसका इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार राज्य में 1700 करोड़ रुपये के निवेश से 125 किलोमीटर सड़क बना रही है।