माल्या के अरुण जेटली से मिलकर विदेश जाने पर सियासी भूचाल – केजरीवाल, राहुल गाँधी के तीखे हमले

September 13, 2018 8:48 am0 comments

शराब कारोबारी विजय माल्या ने प्रत्यर्पण के मामले में लंदन में चल रही सुनवाई के दौरान राजनैतिक दुनिया में भूचाल ला दिया है, उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह भारत छोड़ने से पहले वित्तमंत्री से मिलकर आए थे। माल्या के इस बयान के बाद देश की राजनीती में भूचाल आ गया। अरविन्द केजरीवाल, यशवंत सिन्हा और राहुल गाँधी, जैसे कई शीर्ष नेताओं ने एक के बाद एक बयान देकर अरुण जेटली और केंद्र की मोदी सरकार को करप्शन पर संरक्षण देने के सवाल पर घेरा।

अरविन्द केजरीवाल ने एक के बाद एक कई ट्वीट और रीट्वीट किये, पहले कोट ट्वीट मैं उन्होंने कहा कि ‘अरुण जेटली को जवाब देना चाहिए, प्रधान मंत्री को इसके बारे में पता था। फिर प्रीती शर्मा मेनन के एक ट्वीट को रीट्वीट किया जिसमें उन्होंने सवाल किया था कि ‘क्या अरुण जेटली ने विजय माल्या को बाहर भेजा था?’ इसके बाद एक और ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि ‘वित्त मंत्री ने यह बात देश से क्यों छुपाई थी?’ इसके बाद उन्होंने सागरिका घोष के एक ट्वीट को कोट करते हुए कहा ‘बिलकुल’ जिसमें सागरिका ने सवाल किया था कि ‘विजय माल्या के 2016 में देश छोड़ने से पहले किसी और ने नहीं बल्कि वित्त मंत्री ने उन्हें विदाई सन्देश दिया था?’

एक अन्य ट्वीट में केजरीवाल ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री मोदी नीरव मोदी के देश से भागने से पहले उससे मिले थे और अरुण जेटली विजय माल्या के देश छोड़ने से पहले, देश की जनता जानना चाहती हैं कि इन मीटिंग्स में क्या हुआ था?

इसके बाद उन्होंने भाजपा नेता सुब्रह्मनियम स्वामी के 12 जून के एक ट्वीट को रीट्वीट किया जिसमें स्वामी ने कहा था कि ‘माल्या देश से नहीं भाग सकता था क्योंकि उसके खिलाफ एयरपोर्ट्स पर स्ट्रांग लुकआउट नोटिस जारी हो चुका था, इसके बाद वह दिल्ली आया और किसी बेहद ताकतवर व्यक्ति से मिला जो जो इस नोटिस को बदल सकता था, जिससे कि उसका देश छोड़ने पर लगी रोक को बदला जा सके। कौन है वोह?’

इसके बाद अरविन्द केजरीवाल ने पत्रकार रोहिणी सिंह के ट्वीट को रीट्वीट किया जिसमें रोहिणी ने सुब्रहमणियम स्वामी के ट्वीट तो कोट करते हुए कहा था कि ‘हमारे ब्यूरो चीफ के अलावा और कोई नहीं!’

फिर केजरीवाल ने भाजपा ने यशवंत सिन्हा के ट्वीट को रीट्वीट किया जिन्होंने कहा कि ‘ना केवल वित्त मंत्री बल्कि पूरी भाजपा को विजय माल्या से रिश्तों पर सफाई देनी चाहिए’।

इसके बाद उन्होंने मशहूर आम आदमी पार्टी समर्थक आप का मेहता द्वारा ट्वीट की गई एक वीडियो को रीट्वीट किया जिसमें उन्होंने 2016 में ‘आज तक’ के एक प्रोग्राम में भाजपा सरकार द्वारा विजय माल्या को देश से भागने देने और लोन माफ़ करने का आरोप लगाया था’।

इस ट्वीट के बाद और भी ज़ोरदार हमला बोलते हुए अरविन्द केजरीवाल ने एक पत्रकार आशुतोष मिश्रा के एक ट्वीट को ‘जिसमें टाइम्स ऑफ़ इंडिया की न्यूज़ के आधार पर लिखा था कि सीबीआई ने लुकआउट नोटिस में बदलाव किया था और विजय माया को विदेश जाने से ‘रोकने’ के आदेश की जगह सिर्फ ‘इन्फॉर्म’ करने के लिए कहा गया था’ क्वोट करते हुए लिखा कि ‘सीबीआई ने किसके आदेश पर नोटिस चेंज किया?’ इसके बाद भी कई और ट्वीट्स को केजरीवाल ने रीट्वीट किया जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए थे।

शराब के कारोबारी विजय माल्या के बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने भी सरकार पर हमला शुरू कर दिया है। उन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि विजय माल्या द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। प्रधानमंत्री को इस मामले में तुरंत एक स्वतंत्र जांच करानी चाहिए और जब तक जांच पूरी हो, तब तक अरुण जेटली को वित्त मंत्री के पद पर नहीं रहना चाहिए।

हालाँकि  वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ब्लॉग लिखकर अपने ऊपर लगे इन सभी आरोपों को खारिज किया। जेटली ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘विजय माल्या का यह कहना कि वह भारत छोड़ने से पहले सेटलमेंट ऑफर को लेकर मुझसे मिले थे, तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह झूठ है। 2014 से अब तक मैंने माल्या को मुलाकात के लिए कोई अपॉइंटमेंट नहीं दिया है, ऐसे में मुझसे मिलने का सवाल ही नहीं उठता।’

जेटली ने यह भी कहा की ‘क्योंकि वह राज्यसभा सदस्य थे और कभी-कभी सदन में आते थे। सदन की कार्रवाई के बाद एक बार जब मैं अपने कमरे की तरफ जा रह था तो वह दौड़ते हुए मेरी तरफ आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा था,’मैं सेटलमेंट के लिए एक ऑफर तैयार कर रहा हूं।’ मैंने उनके ऑफर को जानने की भी कोशिश नहीं की। मैंने माल्या से कहा था कि ‘मेरे सामने ऑफर रखने का कोई मतलब ही नहीं है, उन्हें यह बात अपने बैंकों के सामने रखनी चाहिए।’ यहां तक कि वह उस दौरान अपने हाथ में जो पेपर लिए हुए थे, मैंने उन्हें भी नहीं लिया।’

अरुण जेटली के बाद विजय माल्या ने भी सफाई देते हुए उन्हें और भी परेशानी में डालते हुए कहा, ‘अरुण जेटली के साथ मेरी कोई अधिकारिक मुलाकात नहीं हुई थी, बल्कि मैंने उनसे संसद में मुलाकात की थी और उन्हें बताया था कि मैं लंदन के लिए निकल रहा हूँ।’

माल्या के इस बयान के बाद कांग्रेस ने सरकार और वित्त मंत्री को फिर से घेरा। कांग्रेस नेता और मशहूर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से यह कहती आ रही है कि सिर्फ विजय माल्या ही नहीं, बल्कि नीरव मोदी और मेहुल चौकसी जैसे कई अन्य लोगों को भी बिना कार्रवाई के जाने दिया गया है।

ज्ञात रहे कि विजय माल्या ने देश छोड़ने सें पहलेअरुण जेटली से मिलने वाला यह बयान बम अदालती सुनवाई के बाद पत्रकारों से वित्त मंत्री से मुलाकात को लेकर आए सवाल के जवाब पर दिया, जब उनसे इस मीटिंग के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने आगे की जानकारी देने से फिलहाल इंकार कर दिया। गौरतलब है कि जिस समय माल्या देश छोड़कर गए, उस समय अरुण जेटली वित्त मंत्री थे।

हालाँकि बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वह कोर्ट में दिखाए गए जेल के विडियो को देखकर प्रभावित हैं। माल्या ने बताया कि अपने बकाए को सैटल करने के लिए कई बार बैंकों को पत्र लिखे चुके हैं, लेकिन बैंकों ने उनके पत्रों पर सवाल खड़े किए थे। माल्या का कहना है कि उन पर जो आरोप लगाए गए हैं, वह उनसे बिलकुल भी सहमत नहीं हैं, इस बारे में कोर्ट ही अंतिम फैसला लेगी।

यहाँ आपको यह भी बताते चलें कि मुंबई की आर्थर रोड जेल की 12 नंबर बैरक को जेल प्रशासन ने कुछ इस तरह सजाया-सवारा है कि देश तो क्या दुनिया के लोग उसकी सफाई और व्यवस्था की सराहना करें। कहा यह जा रहा है कि भगोड़े कारोबारी विजय माल्या की ओर से लंदन में भारत की जेलों की हालत खराब होने के तर्क की काट के लिए यह जेल में साफ़-सफाई के उम्दा इंतज़ाम किये गए हैं। सूत्रों के मुताबिक बुधवार को लंदन की अदालत में भारतीय एजेंसियों ने जेल की इस बैरक का वीडियो दिखाया।

ज्ञात रहे कि अगर वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट माल्या के प्रत्यर्पण का अनुमति देता है, तो इसके बाद मामला ब्रिटेन के होम डिपार्टमेंट के पास जाएगा। जहां से माल्या के प्रत्यर्पण की अनुमति पर फैसला दिया जाएगा। अगर फैसला माल्या के खिलाफ आता है तो वह इसके बाद भी ऊंची अदालत में इसे चुनौती दे सकता है।