TDP और BJP के मंत्रियों में इस्तीफों की होड़

March 8, 2018 11:54 am0 commentsViews: 48

आंध्र प्रदेश में बीजेपी और टीडीपी के बीच सियासी घमासान मचा हुआ है, विशेष राज्य के दर्जे के ऊपर टूटे गठबंधन के बाद अब इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ बुधवार रात को टीडीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार से अलग होने का फैसला किया था और उसके बाद से ही यह साफ़ हो गया था कि टीडीपी के मंत्री केंद्र सरकार से इस्तीफा देंगे। तो वहीं दुसरी तरफ बीजेपी ने भी आज आंध्र प्रदेश की टीडीपी सरकार से अलग होने का फैसला लेते हुए अपने कोटे के दो मंत्री डॉ. के. श्रीनिवास और पी. एम राव ने मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि मीडिया के गलियारों में यह भी चर्चा चल रही है कि बीजेपी ने इस मसले को सुलझाने अपने नेता राम माधव को नियुक्त किया है, इसे मामले को सुलझाने की आखिरी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

तेज़ी से बदलते घटनाक्रम के बीच आंध्र प्रदेश में बीजेपी के एमएलसी पीवीएन माधव ने बताया कि ‘पार्टी के फैसले के अनुसार हमारे मंत्री टीडीपी कैबिनेट से इस्तीफा देंगे। हम जनता के पास जाएंगे और उन्हें बताएंगे कि केंद्र ने राज्य के लिए सबकुछ किया है। आजादी के बाद से अब तक, किसी भी राज्य को केंद्र से इतना समर्थन नहीं मिला होगा, जितना हमारी सरकार ने आंध्र प्रदेश को दिया है।’

वहीँ दिल्ली में केंद्र सरकार में टीडीपी के कोटे से मंत्री वाई एस चौधरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ‘यह एक अच्छा कदम नहीं है पर यह दुर्भाग्य पूर्ण है कि हमें अपरिहार्य कारणों से मंत्री पद से त्यागपत्र देना पद रहा है।’ उन्होंने बताया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करने वाले है।

कल अर्थात बुधवार की रात टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने कहा था, ‘यह हमारा अधिकार है। केंद्र सरकार हमसे किया गया वादा पूरा नहीं कर रही है। हम इस मुद्दे को बजट के दिन से उठा रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से इस संबंध में कोई जवाब नहीं आया। और इसलिए उनके दोनों मंत्री केंद्र सरकार से इस्तीफा देंगे।’ नायडू ने कहा कि उन्होंने पिछले 4 साल से धैर्य के साथ केंद्र सरकार को मनाने की कोशिश की हर संभव कोशिश की है।

चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि एक जिम्मेदार नेता होने के नाते उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने फैसले के बारे में बताने की कोशिश की, लेकिन वह उपलब्ध ही नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सकार उनकी बात सुनना नहीं चाहती है और उन्हें यह भी नहीं पता है कि उनसे क्या गलती हुई है।

ज्ञात रहे कि केंद्र में टीडीपी कोटे से अशोक गजपति राजू और वाई एस चौधरी को मंत्री बनाया गया था।

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